Saturday, 7 September 2013

मुजफ्फरनगर में दो गुटों में हिंसा, IBN7 रिपोर्टर की मौत

 



Date7/8/2013
मुजफ्फरनगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शनिवार को हुई साम्प्रदायिक हिंसा में आईबीएन7 के पत्रकार राजेश वर्मा समेत छह लोगों की मारे जाने के बाद उत्पन्न तनाव को देखते हुए शहर के तीन थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अरुण कुमार ने लखनऊ में बताया कि जिले के शाहपुर, सिकेड़ा, जानसठ और मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली और नई मंडी इलाके में हुई हिंसा में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और 34 लोग घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि हालत को काबू करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी की पांच कंपनियां और आरएएफ की पांच अतिरिक्त कंपनियां मुजफ्फरनगर भेजी गई है। अरुण कुमार ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) राजकुमार विश्वकर्मा और मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक बृजभूषण शर्मा मुजफ्फरनगर में ही कैंप कर रहे हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर में हुई साम्प्रदायिक हिंसा में आईबीएन7 के पत्रकार राजेश वर्मा की मौत पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों को दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया बताया कि 27 अगस्त को कवाल की घटना को लेकर सिखेड़ा इलाके के नंगला मंदौड़ गांव में हुई महापंचायत के दौरान सिखेड़ा थाने के निकट भीड़ ने कवरेज कर रहे एक व्यक्ति की पीट-पीटकर मार दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद जिले के शाहपुर, सिखेड़ा, जानसठ और मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली समेत कई स्थानों पर हुई साम्प्रदायिक हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई। मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली के मुस्लिम बहुल इलाके खालापार में भीड़ का कवरेज कर रहे आईबीएन7 के स्थानीय पत्रकार राजेश वर्मा समेत छह लोगों की हिंसा में मौत हुई है।
इसके बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने अलमासपुर में मोटरसाइकिल को फूंक दिया। इस घटना के बाद नई मंडी कोतवाली इलाके में कुछ छात्रों के साथ भी मारपीट की खबर है। इसके अलावा भौपा और मीरापुर में भी इसी तरह की घटनाएं होने की सूचना है। साम्प्रदायिक घटना के बाद जिला प्रशासन ने मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली, सिविल लाइन और नई मंडी समेत तीनों थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पड़ा।

श्रमजीवी पत्रकार महासंघ वर्किंग कमेटी के समापन सत्र में राज्यपाल

पत्रकार संवेदनशील रहकर समाज में व्याप्त नकारात्मकता दूर करें



भोपाल : शनिवार, सितम्बर 7, 2013,

राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने आज यहाँ श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की वर्किंग कमेटी के समापन सत्र एवं सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों का कर्त्तव्य सजग और संवेदनशील रहते हुए समाज में व्याप्त नकारात्मकता को तुरंत भाँपकर उसे दूर करना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखने वाला सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में कई नए प्रयोग एवं परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री यादव ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए श्री जे.के. सिंह को शाल-श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मनित किया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आठ अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। आदिवासी समाज के उत्थान में योगदान के लिए पूर्व मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, नर्मदा बाढ़ नियंत्रण के लिए ग्वालियर के आयुक्त श्री के.के. खरे, कुशल प्रशासक के लिए सागर के आयुक्त
श्री राजकुमार माथुर, खेल गतिविधियों के क्षेत्र में श्री अरूणेश्वर सिंहदेव, समाज सेवा के क्षेत्र में श्री मनोज प्रधान तथा श्री प्रेम सुख जी गोयल, स्वास्थ्य सेवा के लिए श्री अजय गोयनका तथा महिला समाज सेवा के क्षेत्र में श्रीमती निहाकत अली को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री के.विक्रम राव ने की।

राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि यह सत्य है कि पत्रकार भी मनुष्य हैं और उन्हें भी अच्छा जीवन जीने का अधिकार है। अपनी ईमानदारी और बेबाकी से ही पत्रकार 'पत्रकार' कहलाने का सम्मान पाता है। उन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान उस समय विशेष भूमिका निभाने वाले पत्रकारों का विशेष रूप से उल्लेख किया।

श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह ने कहा कि देश में मीडिया का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को देश निर्माण,समाज निर्माण की भूमिका पर बल देना चाहिए। पत्रकार महासंघ की ओर से राज्यपाल श्री यादव का अभिनन्दन किया गया। राज्यपाल श्री यादव ने संस्कारांजलि पत्रिका का विमोचन भी किया। आभार प्रदर्शन श्री रवीन्द्र पंचोली ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री कृष्ण मोहन झा ने किया। कार्यक्रम के पूर्व में दो मिनट का मौन धारण कर राज्यपाल श्री यादव की दिवंगत धर्मपत्नी स्व. श्रीमती शांति देवी को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

Friday, 6 September 2013

श्रमजीवी पत्रकार एक्ट को बदलकर मीडिया एक्ट को लागू किए जाने की मांग

www.prativad.com, IFWJ, Bhopal News, राष्ट्रीय महासंघ इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस्
फेडरेशन का द्विदिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन भोपाल में प्रारंभ
भोपाल 6 सितम्बर 2013। देश के लगभग 1200 मीडिया संस्थानों से जुड़े 30000 से अधिक श्रमजीवी पत्रकारों के राष्ट्रीय महासंघ इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस् (आईएफडब्ल्यूजे) की राष्ट्रीय कार्यसमिति का 121वां अधिवेशन आज भोपाल के शहीद भवन आडीटोरियम में प्रारंभ हो गया। दो दिन तक चलने वाले इस आयोजन के उद्घाटन सत्र में राज्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक  रमेश शर्मा ‘गुट्टू भैया’ मुख्य अतिथि के रूप में तथा राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे, जबकि समारोह की अध्यक्षता फेडरेशन के अध्यक्ष एवं देश के ख्यातिलब्ध पत्रकार के. विक्रम राव ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव परमानन्द पाण्डे, फेडरेशन के उपाध्यक्ष, तीन राष्ट्रीय सचिव, कोषाध्यक्ष एवं गुजरात से आईं श्रीमती मीना पंड्या, सेन्ट्रल इंडिया के प्रभारी सचिव कृष्णमोहन झा, प्रदेश उपाध्यक्ष आर. एम. पी. सिंह, प्रदेश महासचिव रविन्द्र पंचोली, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयंत वर्मा एवं जिला इकाई के अध्यक्ष रमेश तिवारी भी मंचासीन थे। सरस्वती पूजन से प्रारंभ कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव कृष्ण मोहन झा ने किया, जबकि सदस्यता अभियान प्रभारी सतीश सक्सेना ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्य अतिथि रमेश शर्मा गुट्टू भैया ने श्रमजीवी पत्रकारों के राष्ट्रीय महासंघ की कार्यसमिति की बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी में भोपाल में आयोजित किए जाने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस फेडरेशन की बुनियाद रखने में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. नेहरू एवं तत्कालीन गृहमंत्री वल्लभभाई पटेल का योगदान रहा हो उसे कोई भी ताकत कमजोर नहीं कर सकती। फेडरेशन ने जिस तरह समर्पित भाव से पत्रकारों के हित में संघर्ष किया है उसे देखते हुए इस संगठन के प्रति श्रमजीवी पत्रकारों का रूझान स्वाभाविक है। श्री शर्मा ने कहा कि आज सामाजिक मूल्य तेजी से बदल रहे हंै। नैतिकता एवं राष्ट्रवाद का स्थान भौतिकवाद ने ले लिया है। पहले पत्रकारिता एक मिशन हुआ करती थी परंतु अब बड़े उद्योगपति इसे कवच के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं जिनके लिए पत्रकारों के हित गौण हो चुके हैं। फेडरेशन को इस विषय पर गहराई से विचार करना चाहिए कि मीडिया पर जिस तरह से बाजारवाद हावी होता जा रहा है उससे श्रमजीवी पत्रकारों के हितों को कैसा सुरक्षित रखा जा सकता है। 
फेडरेशन के अध्यक्ष श्री के. विक्रमराव ने अल्प समय में और सीमित संसाधनों के बीच राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के सफल आयोजन के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण मोहन झा तथा श्री सतीश सक्सेना की सराहना करते हुए कहा कि फेडरेशन अब सामाजिक सरोकार के विषयों को भी अपने कार्यक्षेत्र में सम्मिलित करने जा रहा है। इसी सिलसिले में आगामी अक्टूबर माह में ऋषिकेश में आयोजित फेडरेशन की बैठक में गंगा को प्रदूषण से बचाने में मीडिया की भूमिका पर मंथन किया जाएगा। जिसमें नदियों के संबंध में विशद् जानकारी रखने वाले पत्रकार आमंत्रित किए जा रहे हैं। वे गंगा और मीडिया विषय पर अपने सारगर्भित विचारों का आदान प्रदान करेंगे। श्री विक्रमराव ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री मनीष तिवारी की इस पहल को हास्यास्पद बताया कि पत्रकारिता के क्षेत्र के क्षेत्र से जुडऩे के इच्छुक व्यक्तियों के लिए न्यूनतम पात्रता निर्धारित की जाने की आवश्यकता है। श्री राव ने याद दिलाया कि देश में अनेक ऐसे मूर्धन्य पत्रकार हुए हैं जिनके पास हायर सेकेंडरी प्रमाण पत्र भी नहीं था परंतु उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में उच्च मानदण्ड स्थापित किए ओर आज के पत्रकारों के लिए वे आदर्श बन चुके हंै। उनके लिए पत्रकारिता एक मिशन थी। श्री राव ने इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस् छोडक़र गए लोगों से अपील की कि वे मुख्य धारा में वापिस लौटकर उस संगठन को और मजबूत करें जो श्रमजीवी पत्रकारों के हितों के लिए संघर्ष करने में सदैव आगे रहा है। श्री राव ने भूटान में आगामी नवंबर माह में आयोजित होने वाले फेडरेशन के अधिवेशन की रूपरेखा की जानकारी भी इस बैठक में दी और बड़ी संख्या में उसमें भाग लेने का पत्रकारों से अनुरोध किया। 
फेडरेशन के महासचिव श्री परमानन्द पाण्डे ने इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस् के लगभग 6 दशकों के गौरवमयी इतिहास का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर के एक वटवृक्ष की छाव में अक्टूबर 1950 में इस फेडरेशन की नींव पड़ी थी जो आज एक वटवृक्ष का ही रूप धारण कर चुका है। फेडरेशन से जुड़ी कुछ मधुर स्मृतियों को ताजा करते हुए श्री पाण्डे ने यह भी बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू ने संगठन की स्थापना के समय 100 रुपए की राशि अपनी ओर से एक चेक के रूप में भेंट की थी। यह चेक फेडरेशन के पास एक एतिहासिक दस्तावेज के रूप में सुरक्षित मौजूद है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का पत्रकारों के प्रति जो दृष्टिकोण था वह आज की सरकार जैसा नहीं था जो पत्रकारों पर तरह तरह की पाबंदिया लगाना चाहती है। श्री पाण्डे ने कहा कि इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस् ने पत्रकारों के हित की सुरक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया है। यही कारण है कि देश के श्रमजीवी पत्रकारों ने इसके बैनर तले एकजुट होना पसंद किया। राष्ट्रीय महासचिव ने 1955 में बने श्रमजीवी पत्रकार एक्ट को बदलकर उसके स्थान पर मीडिया एक्ट को लागू किए जाने की मांग करते हुए कहा कि पत्रकारिता में अब प्रिंट मीडिया के साथ इलेक्ट्रानिक मीडिया का प्रवेश हो चुका है इसलिए अब मीडिया शब्द प्रासंगिक है। उन्होंने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इंडिया फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस् को बदनाम करने वाले नक्कालों से पत्रकारों को सचेत करते हुए कहा कि खरपतवार की तरह उगे ऐसे संगठन दरअसल श्रमजीवी पत्रकारों का अहित ही करते हैं।
राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि आजादी की लड़ाई में देश के जिन भाषाई अखबारों ने जनजागरण में महती भूमिका निभाई उनमें से अनेक अखबार पर्याप्त आर्थिक संसाधनों के अभाव में दम तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। कई अखबारों का तो प्रकाशन भी बंद हो चुका है। इसके विपरीत अंग्रेजों का परोक्ष साथ देने वाले कई अंग्रेजी अखबार अब फलफूल रहे हैं परंतु भाषाई समाचार पत्रों की कठिनाईयों की ओर सरकार का ध्यान नहीं आता। श्री शर्मा ने कहा कि महात्मागांधी, जवाहरलाल नेहरू, लोकमान्य तिलक, वीर सांवरकर जैसे महापुरुषों ने भी अंग्रेजी साम्राज्यवाद का विरोध करने के लिए कलम की ताकत का सहारा लिया। उन्होंने कलम की ताकत का उपयोग राष्ट्रवाद को मजबूत करने के लिए किया। श्री शर्मा ने मीडिया से अनुरोध किया कि इतिहास की पुस्तकों में प्रकाशित गलत तथ्यों को संशोधित करने के लिए उसे पूरी ताकत से आवाज उठानी चाहिए। पत्रकारों के लिए राष्ट्र व समाज के व्यापक हित सर्वोपरि होना चाहिए। 
इसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए फेडरेशन की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष श्री आर. एम. पी. सिंह ने ग्रामीण पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि फेडरेशन की इस दो दिवसीय बैठक में ग्रामीण पत्रकारिता को प्रात्साहित करने के उपायों पर गहराई से मंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक विडंबना ही है कि महानगरीय इलाकों में पत्रकारिता से जुड़े लोगों पर तो सत्ता मेहरबान रहती है, जबकि ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को सत्ता के विरुद्ध लेखन करने पर उसका कोपभाजन बनना पड़ता है। इस भेदभाव को बदलने की जरूरत है इसके लिए आईएफडब्ल्यूजे को आगे आना चाहिए। 
कार्यक्रम का संचालन कर रहे फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव श्री कृष्ण मोहन झा ने इस अवसर पर दिए गए अपने उद्बोधन में कहा कि फेडरेशन की राज्य इकाई ने श्रमजीवी पत्रकारों की भलाई के अनेक कार्य किए हैं। राज्य सरकार से उसने पत्रकारों के श्रद्धा निधि स्वीकृत कराने में सफलता प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त भी पत्रकारों के लिए अनेक सुविधाएं अर्जित करने में वह सफल हुई है परंतु अभी भी श्रमजीवी पत्रकारों के हित सुनिश्चित किए जाने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है और फेडरेशन की राज्य इकाई इस दिशा में निरंतर संघर्षरत है। पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना, चिकित्सा व्ययों में रियायत की योजना आदि उसके एजेण्डे में सबसे ऊपर है।
आईएफडब्ल्यूजे की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष श्री जयंत वर्मा एवं जिला इकाई के अध्यक्ष श्री रमेश तिवारी का कहना था कि फेडरेशन की इस बैठक में इस विषय में अवश्य ही कोई ठोस रणनीति बनाई जाना चाहिए कि भोपाल में बने पत्रकार भवन पर फेडरेशन पुन: अपना आधिपत्य कैसे कायम कर सकता है। वक्ता द्वय ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति पर आज वे लोग कब्जा किए बैठे हंै जिनकी पत्रकारिता के प्रति निष्ठा भी संदेह से परे है। श्री तिवारी ने कहा कि हमने इस ओर मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री का भी ध्यान आकृष्ट किया है और अब फेडरेशन को अपनी ताकत दिखानी होगी। श्री जयंत वर्मा ने कहा कि मीडिया के लिए अगर सरकार कोई नया कानून लेकर सामने आती है तो उसमें मीडिया से जुड़े लोगों के हित सुरक्षित रहना चाहिए। गुजरात से आईं डॉ. मीना पंड्या ने कहा कि आईएफडब्ल्यूजे ही श्रमजीवी पत्रकारों का एकमात्र हितैषी संगठन है और देश सभी श्रमजीवी पत्रकारों को इस संगठन के बैनर तले एकजुट होकर इस संगठन को मजबूत बनाना चाहिए। 
आभार प्रदर्शन फेडरेशन की राज्य इकाई के महासचिव श्री रवीन्द्र पंचोली ने किया।


Thursday, 5 September 2013

Conference Programme of the 121st session of the IFWJ Working committee at Vigyan Bhavan, in Bhopal 5 Sept to 8 Sept 2013



Conference Programme of the 121st session of the
IFWJ Working committee at Vigyan Bhavan,
in Bhopal 5 Sept to 8 Sept 2013


INFORMATION AND PROGRAMME


Thursday, 5 September 2013


1.                     Arrival of Delegates at Bhopal railway station/Airport. (Please stand near the Station Manager’s room where Comrade Satish Saxena (Phone N0.: 09303104780) will meet you and take you to Vigyan Bhavan, venue of the conference and the delegates’ camp, at Nehru Nagar.
2.                     Only Dinner at 8 p.m. at Vigyan Bhawan No programme during day

Friday, 6 Sept. 2013


1.                        Breakfast from 8 a.m.
2.                        IFWJ working committee meets at 9:00 a.m. : Vigyan Bhavan hall.
3.                     Inaugural function : 11 a.m. : M.P. Chief Minister,            Mr. Shivraj Singh Chauhan, and other ministers to address Com. K. Vikram Rao to provide.
4.                     Lunch : 1:15 p.m. (afternoon)
5.                     Debate at 2:30 p.m. on Government proposals :                
(a) Minimum qualification for journalists, and
(b) Regulatory body for media.
6.                     Sight-seeing of Bhoj temple : 4:30 p.m.

Saturday 7 Sept 2013

1.                     Breakfast at 8 a.m.
2.                     At 9 a.m. IFWJ working committee discusses organizational matters and finalises the National Council venue at Madurai (Tamil Nadu) or Gulbarga (bordering Hyderabad) in Karnataka in December. The Working Committee will also decide on the proposal of the Uttarakhand union for a seminar onGanga Action Plan at Rishikesh on 19-21 October 2013.
3.                     M.P. Governor Sri Ram Naresh Yadav to address the closing function at Vigyan Bhavan 11 a.m.
4.                     Lunch at 1 p.m. (afternoon)
5.                     Seminar after lunch on social media and its use and abuse.
6.                     Bhopal Tour at 4:30 p.m. Departure for railway station after dinner.
7.                     Those who remain will be served breakfast on Sunday morning, 8 September, and dropped at the Bhopal railway station.



Pravin Khariwal, President,                         Krishna Mohan Jha
Indore                                                      (IFWJ Secretary (central India)
Ravindra PancholiGeneral Secretary                   0-9826093543                
M.P. Working Journalists Union, Bhopal                  and
0-942516350521                    

Visit to Bhutan
An invitation from BhutanMediapersons for study tour by IFWJ members in November 2013 is also on the Working Committee agenda. Dates of the visit will be finalized in Bhopal. About 95 delegates from different states will join the IFWJ team.
NB : The programme may be revised. Please be in touch with the Reception Committee at Vigyan Bhavan.

Wednesday, 4 September 2013

पत्रकार श्रेणिक बाफना के सेवानिवृत्त दिवस को रतलाम प्रेस क्लब ने समारोह पूर्वक मनाया।

रतलाम। तीन दशक से ज्यादा समय से कार्यरत पत्रकार श्रेणिक बाफना के सेवानिवृत्त दिवस को रतलाम प्रेस क्लब ने समारोह पूर्वक मनाया। शहर के चंपाविहार हाल में आयोजित कार्यक्रम में श्री बाफना का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया एवं उनके अनुभवों का लाभ पत्रकार जगत को मिलता रहे यह कामना की गई।  कार्यक्रम में श्री बाफना के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी ने कहा कि श्री बाफना उसूलों पर चलने वाले एक निर्भिक पत्रकार के रूप में पहचाने जाते हैं। आपने पत्रकारिता को प्राथमिकता देकर रेलवे जैसे विभाग की नौकरी को तिलांजली दी थी। तीन दशक से अधिक समय तक एक ही संस्थान में कार्य करना निश्चित ही बहुत कठिनाई भरा होता है। लेकिन, श्री बाफना ने अपने कार्य को अपनी ही शैली में अंजाम दिया, यह नई पीढ़ी  के लिए अनुकरणीय रहेगा।
पत्रकार दिलीप पाटनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री बाफना तटस्थ भावना से पत्रकारिता का कार्य करते चले आ रहे हैं। सेवाकाल में निवृत्ति एक व्यवस्था है, लेकिन पत्रकार कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई ऊर्जा के साथ श्री बाफना आगे की अपनी पारी को पूरा करेंगे एवं समाज के लिए आगे भी कार्य करते रहेंगे। पत्रकार रमेश टांक ने अपने उद्बोधन में श्री बाफना के जीवनकाल के कई अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्री बाफना के उसूलों के प्रति कठोर रवैये का जिक्र करते हुए इसके कारण आई कई परेशानियों का भी जिक्र किया एवं कहा कि इसके बावजूद भी श्री बाफना कभी भी सत्यपथ से विचलित नहीं हुए। श्री बाफना के व्यक्तित्व को  औरों से जुदा बताते हुए प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश मूणत ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि रतलाम के पत्रकार जगत के लिए यह गौरवशाली दिन है। श्री बाफना ने समाज में अपनी एक अलग छवि बनाई है, यह उसूलों पर कायम रहकर ही बनाई जा सकती है।

श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शरद जोशी, पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष उमेश मिश्रा, रमेश टांक, दिलीप पाटनी, गोविंद उपाध्याय, एसएस सोलंकी, मणि जैन, भरत गुप्ता, महेश पुरोहित, ऋषि कुमार शर्मा, सुरेन्द्र छाजेड़, चांद शर्मा, मुकेश जोशी, अरूण त्रिपाठी, यश शर्मा, ललित कोठारी, सुरेन्द्र जैन, प्रियेश कोठारी, किशोर शर्मा, अशोक जोशी, राजेश रांका, मुबारिक खान आदि ने श्री बाफना का पुष्पमाला से स्वागत-सम्मान किया।  पे्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश मूणत,  उपाध्यक्ष अमित निगम, ललित कोठारी, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह सोलंकी ने रतलाम प्रेस क्लब की ओर से शाल-श्रीफल से श्रेणिक बाफना का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विनोद सिंह व नीरज शुक्ला, के गोविंद उपाध्याय, उत्तम शर्मा सहित चांद शर्मा, गोवर्धन चौहान, दुर्गेश पंवार, दिलजीत मान भी मौजूद थे।  कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। संचालन अदिती दवेसर ने किया

IFWJ condemns illegal retrenchment of media persons from TV18

IFWJ condemns illegal retrenchment  of media persons from TV18

New Delhi,17 August.

Indian Federation of Working Journalist (IFWJ) has strongly condemned the reported move of TV 18 to lay off hundreds of media persons in the name of restructuring. It has called upon the Government of India and the appropriate State Government to immediately intervene in the matter to save the jobs of media persons, who are to be retrenched.

In a statement the IFWJ has demanded that the media houses running electronic channels must be given the protective cover of the Working Journalists Act and the Industrial Disputes Act so as to maintain the sanctity of the freedom of speech and expression as enshrined in the Constitution of India. This act of the TV 18 managements is not only unethical and anti -working class but also highly unwarranted as the company is posting profits in its returns.

While extending its moral, legal and physical support to all the affected employees it has warned the management of TV18 to desist from indulging into such illegal acts as it would recoil on them and  also rob the peace and harmony of the media industry.
Parmanand Pandey
Secy Gen.

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टीवी 18 समूह के पत्रकार एवं पत्रकारिता विरोधी कृत्यों के प्रतिकार के लिए के. विक्रम राव की अध्यक्षता वाली पत्रकार यूनियन इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट खुल कर सामने आ गई है

 टीवी 18 समूह के पत्रकार एवं पत्रकारिता विरोधी कृत्यों के प्रतिकार के लिए के. विक्रम राव की अध्यक्षता वाली पत्रकार यूनियन इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट खुल कर सामने आ गई है. वक्त से पहले और किस्मत से ज्यादा का वादा करने वाले इस समूह की कारगुजारियों से एक बात तो साफ़ हो गई है की कार्पोरेट के झांसे में आकर जब जब पत्रकारिता कारर्पोरेट की गोद में जा कर बैठी है तब तब पत्रकारिता को कारपोरेट ने अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए प्रयोग कर पत्रकारों को भूखा नंगा होने पर मजबूर किया है.. मुझे गर्व है सुदर्शन समूह पर जिसने तमाम परेशानियों के बाद भी कभी कॉरपोरेट के सामने घुटने नही टेके हैं..
एक और बात जो महत्वपूर्ण है वो ये कि छाती चौड़ी कर पत्रकारों की राजनीति करने वाले समय नज़र नही आ रहे जब पत्रकार छाती पीट -2 कर अपने और अपने परिवार के भविष्य के लिए रो रहे है. सत्य ही कहा गया है "धीरज, धर्म, मित्र और नारी- आपत्काल परखिये चारी".  के विक्रम राव और यशवंत सिंह ने ऐसे कठिन समय में पत्रकारों के साथ खड़े हो कर उनके आंसू पोछने का काम किया है जब बड़े बड़े दिग्गज अपनी पूँछ बचाने के लिए मूंछ छुपा कर बिलों में दुबक गये हैं. नीचे IFWJ की प्रेस रिलीज अटैच कर रहा हूं.

क्रान्ति किशोर मिश्र
सुदर्शन न्यूज़
लखनऊ