Wednesday, 18 March 2015

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क जमाने में पत्रकारों में युवा तुर्क नेता कहे जाने वाले शलभ भदौरिया कब स्वार्थों की

एक जमाने में पत्रकारों में युवा तुर्क नेता कहे जाने वाले शलभ भदौरिया कब स्वार्थों की गिरफ्त में आ गये ,उन्हें खुद ही पता नहीं चला,
साहित्य में विशेष रुचि रखने वाला ब्यक्तित्व काफी संवेदनशील होता है,और शलभ भी अत्यन्त संवेदनशील ब्यक्ति का नाम था1 दोस्तों पर सब न्योछावर करने वाला ब्यक्ति आखिर स्वार्थ को सर्वोपरि मान दोस्तों में ही अलग थलग पड़ गया1
शायद कहीं निज स्वार्थ को मित्रों के मुकाबले ज्यादा अॉकने की भूल के कारण उसके जीवन के अभिन्न मित्रों में एक एक कर टूटने का सिलसिला जो शुरू हुआ तो चलता ही गया,
मुझे भी1976 से शलभ का अभिन्न मित्र होने का सौभाग्य प्राप्त था,मेरे जैसे कितने अभिन्न ,भिन्न हो गये,
शायद किसी किताब में  यह पढ़कर कि जिन कंधो का सहारा लेकर शिखर पर पंहुचो ( सीढ़ी) उन्हें तोड़ दो,जिससे चुनौती देने वाला कोई न बचे,पर अमल करने के कारण दोस्त तो तितर बितर हुये ही,पर गर्त यात्रा की शुरुआत भी यहीं से हुयी,और शलभ का तिलिस्म टूटता चला गया,किन्तु आत्म ग्लानि से ग्रस्त हेने का बोझ,सबसे प्यारी चीज का हाथ से खिसकने का क्षोभ मन में इतना घर कर गया कि एक  सुशिक्षत ब्यक्ति गुण्डे बदमाशों से घिर गया,
कल पत्रकार भवन समिति की वार्षिक बैठक पत्रकार भवन में होना है,किन्तु अपने गुण्डों से बैठक न होने देने देने की ठान चुके शलभ ने,हर ओछे हथकण्डे अपना लिये,
मैंने स्वयम् बात की कि ,पत्रकार भवन की लीज रद्द कर दी गई है,यह समिति की अंतिम बैठक है,कृपाकर शॉति से बैठक होने दें,किन्तु अपने अड़ियल रुख के कारण अपने हाथ से पत्रकार भवन के सरकने का गम शलभ को और अड़ियल बना गया,पत्रकार भवन के  मोहपाश ने विगत तीन वर्षों से शलभ को विक्षिप्तता की स्थिति तक पंहुचा दिया है,वह अपनी सत्ता का ह्रास देखते देखते इतने डिप्रेशन में पंहुच चुके हैं,कि अपने पराये का फर्क भी भूल चुके हैं ,
खैर ,मैं यह सब इसलिये लिखा है,क्योकि हम पत्रकार विरादरी की संस्कृति को लड़ाई झगड़ा कर दूषित नहीं करना चाह रहे थे,इसलियै हमने बैठक का स्थान बदल दिया है,आप सब इससे अवगत हों इसलिये वस्तुस्थिति हमने आपके सामने रख दी है,
मेरी ईश्वर से ब्यक्तिगत प्रार्थना है,कि पत्रकार भवन मेंचलनै वाले बुलडोजर  के कारण किसी की कमाई का जरिया छिनने का गम व दुकान बन्द होने की चिंता सहन करने की शक्ति उन लोगों को अवश्य दे,जो आज अवशादग्रस्त हो चुके हैं,,,जय हरि,,,

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भोपाल, 18 मार्च 2015। पत्रकार भवन समिति की साधारण सभा 18 मार्च को प्रात: 11 बजे प्रारंभ हुई। बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव ‘‘कलेक्टर भोपाल द्वारा पत्रकार भवन की लीज निरस्त करने के कारण पत्रकार भवन का अधिपत्य कलेक्टर भोपाल को वापस सौंपते है।’’ सर्वसम्मति से पारित किया गया एवं कलेक्टर के प्रतिनिधि एस.डी.एम. संदीप केरकट्टा को कब्जा पत्र  सौंपा गया। 
भविष्य में शासन द्वारा पत्रकार भवन की विशाल इमारत के निर्माण में किन-किन चीजों का समावेश हो, का प्रस्ताव भी सर्व सम्मति से पारित कर आयुक्त जनसम्पर्क को पत्र सौंपा गया। 
साधारण सभा में सभी पदाधिकारी एवं लगभग 100 सदस्य उपस्थित रहे। 
     
धन्यवाद,       
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(सुशील शर्मा)
सचिव

Sunday, 15 March 2015

0 मार्च 2015 को सभी 10 याचिकाएं अदालत के सामने सुनवाई के लिए प्रस्तुत की ग

लगता है उंट पहाड़ के नीचे आने वाला है. अपने पैसे, धंधे, दलाली, लायजनिंग, शोषण, पावर से नजदीकी, सत्ता-सिस्टम में दखल के बल पर खुद को खुदा समझने वाले मीडिया मालिकों पर आम मीडियाकर्मियों की आह भारी पड़ने वाली है. लेबर डिपार्टमेंट, राज्य सरकारों, केंद्र सरकार, सीएम, पीएम, डीएम निचली अदालतों आदि तक को मेनुपुलेट करने की क्षमता रखने वाले मीडिया मालिकों को सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के आगे पसीना आने वाला है. आज मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लगी दस याचिकाओं की सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित सभी मीडिया मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया हैसाथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 28 अप्रैल को ही सुनवाई पूरी कर दी जाएगी। इस मामले पर सुनवाई के लिए आगे की और कोई तारीख मंजूर नहीं होगी। सभी पक्षों को यह भी अवगत करा दिया गया है कि वे अपनी ओर से सभी कागजी प्रक्रिया समय से पूरी कर दें ताकि 28 अप्रैल को ही सुनवाई मुकम्मल हो सके।
गत 10 मार्च 2015 को सभी 10 याचिकाएं अदालत के सामने सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गई थीं। अखबार मालिक नामचीन वकील के माध्यम से अपना पक्ष रखना चाह रहे थे परंतु अदालत ने मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि अगली तारीख को मामला पूरी तरह से सुनने के बाद उस पर अंतिम फैसला उसी दिन सुना दिया जायेगा। इस बीच भड़ास की मुहिम पर दायर सभी आर्जियों पर भी बहुत शीघ्र सुनवाई होने की संभावना जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट में पेश इस मामले में सभी मालिकों के खिलाफ अवमानना की अर्जी डाली गयी है।

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First day of the IFWJ 123rd Working Committee meeting at Shilpagram, Guwahati in